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The Boat 2018 Movie Explained In Hindi

The Boat 2018 Movie Explained In Hindi

The Boat 2018 Movie Explained In Hindi

यह कहानी है जॉन नाम के मछुआरे की जो हर रोज की तरह अपनी छोटी नाव लेकर समंदर में मछली पकड़ने निकलता है। लेकिन इस दिन कुछ अलग होता है। अचानक चारों तरफ घना कोहरा छा जाता है और दूर-दूर तक कुछ दिखाई नहीं देता। जॉन रास्ता भटक जाता है और इधर-उधर भटकते-भटकते उसे एक सुनसान नाव नजर आती है। जिज्ञासावश वह अपनी नाव उस नाव से बांधता है और अंदर जाकर देखने का फैसला करता है। जैसे ही वह उस नाव के भीतर जाता है उसके होश उड़ जाते हैं। पूरी नाव खाली थी। ना कोई इंसान ना कोई आवाज। बस रहस्यमई सन्नाटा। जॉन जब उस रहस्यमई नाव में गया तो सब कुछ बिल्कुल सामान्य लगा। खाना ताजा था। कपड़े करीने से रखे थे और हर जगह इंसानी मौजूदगी के संकेत थे। लेकिन वहां कोई था नहीं। वह नाव को चालू करने की कोशिश करता है। पर इंजन काम नहीं करता। इतने विशाल समुद्र में अकेली और खाली नाव देखकर जॉन हैरान रह जाता है। वह दूरबीन से चारों ओर देखने की कोशिश करता है। शायद कोई पास में हो। लेकिन घना कोहरा सब कुछ ढक चुका था। निराश होकर वह कंट्रोल रूम लौटता है और वहां पड़ा रेडियो ऑन करता है। मदद के लिए कोई संकेत भेजने के इरादे से। जॉन ने रेडियो पर संदेश भेजा। यह नाव समंदर में फंसी है। कोई सुन रहा हो तो जवाब दे। संदेश भेजने के बाद उसने सोचा कि अब अपनी छोटी नाव से लौट जाना चाहिए। लेकिन जब वह बाहर आया तो उसकी नाव वहां नहीं थी। जबकि उसने उसे अच्छे से बांधा था। उसकी हैरानी और बढ़ गई। जब देखा कि अब चारों ओर फैला कोहरा भी अचानक साफ हो गया था और आसमान एकदम खुला था। अब दोपहर का समय हो चुका था। जॉन को समझ नहीं आया कि यह सब क्या हो रहा है। वापस लौटने का कोई और रास्ता ना देख वो उसी खाली जहाज पर लौट आया और नक्शे के सहारे रास्ता ढूंढने लगा। जॉन अब यह समझने की कोशिश करता है कि वह आखिर है कहां और अपने घर कैसे लौट सकता है। परेशानी यह थी कि उस रहस्यमई नाव का इंजन खराब था। अगर उसे बचना था तो किसी भी हाल में इंजन को ठीक करना ही था। वह पूरे जहाज में टूलबॉक्स तलाशता है और कड़ी मेहनत के बाद इंजन ठीक कर लेता है। उसके लिए यह एक बड़ी राहत थी। अब नाव चालू हो चुकी थी और दिशा भी धीरे-धीरे समझ आने लगी थी। लेकिन खतरा टला नहीं था। जॉन कंट्रोल रूम में जाकर फिर से रेडियो से संपर्क करता है। मगर इस बार भी कोई जवाब नहीं आता। सब कुछ अब भी रहस्य में डूबा था। फिर वह लड़का ऊपर आता है और उसे अचानक टॉयलेट जाना पड़ता है। कोई आसपास नहीं था तो वह सोचता है कि समंदर में ही कर लेता हूं। जैसे ही वह किनारे जाता है अचानक किसी ने पीछे से उसे धक्का दे दिया। वह सीधा पानी में गिरता है। हालत बेहद खतरनाक थी। लेकिन उसने रील को पकड़ कर किसी तरह खुद को डूबने से बचा लिया। हवा और पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि वापस नाव तक आना मुश्किल हो गया। मगर उसने हार नहीं मानी। हिम्मत जुटाई और धीरे-धीरे रील के सहारे खुद को खींचते हुए फिर से नाव पर चढ़ाया। इस सब के बीच उसका काम पूरा नहीं हो पाया तो वह दोबारा टॉयलेट जाने लगा। जैसे ही वह नीचे पहुंचा अचानक किसी ने जोर से दरवाजा बंद कर दिया। जॉन ने पहले इसे हवा का असर समझा और ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब बाहर निकलने की कोशिश की तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद हो चुका है। अब वह हैरान रह गया। उसने दरवाजा खोलने की हर कोशिश की। यहां तक कि जेब से एक सिक्का निकालकर ताले में फंसाकर भी खोलने की कोशिश की। मगर सब बेकार गया। अब उसे लगने लगा कि इस जहाज पर वह अकेला नहीं है। कोई है जो उसे परेशान कर रहा है जो दिखता नहीं लेकिन हर वक्त मौजूद है। उसे लगने लगा जैसे कोई उसके साथ बैरमी से खेल रहा हो। वह जोर से चिल्लाया। कृपया जो भी हो दरवाजा खोल दो। मैं कोई चोर नहीं बस देखने आया हूं। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब उसे समझ आ गया कि मदद की उम्मीद बेकार है। वह कीबिन की तरफ बढ़ा और अंदर जाकर जो देखा उससे उसकी रूह कांप गई। वहां खून के धब्बे थे। डरावना माहौल था पर उसने डर को नजरअंदाज किया और एक कैंची उठाकर दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन ताला अब भी नहीं खुला। तभी पूरी नाव जोर-जोर से हिलने लगी जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो। जॉन बेहद घबराया हुआ था। तभी उसकी नजर ऊपर की एक खिड़की पर पड़ी। वह किसी तरह उस खिड़की से बाहर निकला और चारों ओर देखा। दूर से एक विशाल कारगो जहाज उसकी ओर आता नजर आया। उसकी दिशा सीधी उसी नाव की ओर थी। जॉन को समझ आ गया कि अगर वह जहाज टकराया तो सब खत्म हो जाएगा। अब उसे हर हाल में अपनी जान बचानी थी। उसने सिग्नल देने का सोचा लेकिन उसके पास कुछ था नहीं। उसने तुरंत अपनी शर्ट उतारी और जोर-जोर से लहराने लगा ताकि कारगो जहाज का कोई उसे देख सके। लेकिन अफसोस इतने प्रयास के बाद भी किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। अब जॉन को किसी भी हालत में अपनी जान बचानी थी। अगर उसकी नाव आगे बढ़ती रही तो कारगो जहाज से टकराकर सब खत्म हो सकता था। तभी उसकी नजर खिड़की के पास लटकी एक रस्सी पर पड़ी। उसके दिमाग में तुरंत एक आईडिया आया। अगर वह इस रस्सी का इस्तेमाल करें तो शायद जहाज को रोक सके। उसने जल्दी से रस्सी बांधी और बाहर फेंकी ताकि नाव की गति रुक जाए। लेकिन हालात और बिगड़ गए। रस्सी इंजन के पंखे में फंस गई और खींचते हुए बाथरूम के अंदर आकर उसके गले में अटक गई। उसका दम घुटने लगा। मरने की कगार पर पहुंचकर उसने हिम्मत दिखाई और एक औजार से खुद को आजाद किया। उसकी गर्दन पूरी तरह लाल पड़ गई थी। वह लगभग मर ही गया था। बट आखिरी पल में खुद को बचा पाया। रस्सी इंजन में फंसी थी जिससे जहाज की रफ्तार थम गई। मगर यह काफी नहीं था। भारी कारगो जहाज फिर भी उससे टकरा गया। जोरदार टक्कर से उसका जहाज बुरी तरह हिल गया और जॉन जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया। उसके सिर में गहरी चोट लगी थी। कुछ देर बाद जब उसे होश आया तो उसने देखा कि बाथरूम पानी से भर चुका था। मगर सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वह समुद्र का खारा पानी नहीं बल्कि एकदम साफ और मीठा पानी था। जैसे कोई जानबूझकर उसे डराने की कोशिश कर रहा हो। वो एक बार फिर टूट कर भीख मांगता है। चाहे तुम जो भी हो प्लीज मुझे जाने दो। लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं आता। अब वो भूखा, प्यासा और बेहद कमजोर हो चुका था। जैसे तैसे उसने बाथरूम की शावर से पानी पिया लेकिन जल्दी ही महसूस हुआ कि पानी खत्म हो गया है। फिर जब उसने सिंह से पानी पीना शुरू किया तो हैरान रह गया। अब वह पानी खारा हो चुका था। उसे तुरंत समझ आ गया कि नाव में कहीं छेद हो गया है और समुद्र का पानी अंदर आ रहा है। यह नाव अब ज्यादा देर नहीं टिकेगी। वह घबराकर दरवाजा खोलने की कोशिश करता है। लेकिन लगता है किसी ने उसे बाहर से बंद कर रखा है। रात का समय था और ऊपर से दिखा कि कोई अदृश्य शायद दुष्ट शक्ति इस नाव को नियंत्रित कर रही थी। पानी तेजी से बढ़ रहा था और जॉन थक कर सो गया। रात में समंदर में भयानक तूफान आया जिससे नाव बुरी तरह टूट गई और जॉन भी गंभीर रूप से घायल हो गया। सुबह जब उसकी आंख खुली तो पानी सिर तक पहुंच चुका था। सिर्फ चेहरा बाहर था। अब उसे लगने लगा कि बस कुछ ही पल बचे हैं। तभी अचानक कहीं से क्लिक की हल्की आवाज सुनाई दी जैसे कुछ खुला हो। जैसे ही जॉन ने हैंडल घुमाया, दरवाजा जोर की आवाज के साथ खुल गया। पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि दरवाजा टूट कर नीचे गिर पड़ा और इसी तरह वह बाहर निकलने में कामयाब हुआ। बाहर निकलते ही वह सीधा नाव की छत पर गया ताकि ताजी हवा में सांस ले सके क्योंकि नीचे ऑक्सीजन लगभग खत्म हो चुकी थी। अब उसे यकीन हो गया था कि कोई अदृश्य ताकत उसे हर हाल में सताना चाहती है। वह शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुका था और नीचे की तरफ पानी लगातार भरता जा रहा था। उसे समझ आ गया कि अब नाव कभी भी डूब सकती है। जॉन ने तय कर लिया था अब वह इस जहाज पर नहीं रुकेगा। तभी उसे एक आईडिया आया। उसने जहाज से एयर बैग्स निकाले और टूटे हुए बाथरूम के दरवाजे को इस्तेमाल करके एक छोटा राफ बना लिया। उसने सब कुछ मजबूती से बांधा ताकि राफ्ट टिक सके। लेकिन राफ चलाने के लिए उसे कुछ और जरूरी सामान भी चाहिए था। उसने जहाज से खाना, पानी और जरूरी औजार जमा किए और खुद को पूरी तरह तैयार किया। फिर बिना पीछे देखे वह जहाज से उतर गया और राफ पर सवार होकर धीरे-धीरे समंदर में आगे बढ़ने लगा। वह राफ पर था और उसके सामने वही बड़ी नाव अब भी खड़ी थी। कई घंटे गुजर गए लेकिन ना तो वह ज्यादा दूर जा पाया और ना ही वह नाव डूबी जिसे वह समझ रहा था कि 5 से 10 मिनट में डूब जाएगी। वह अब भी उसी हालत में थी। तभी उसके दिमाग में एक आईडिया आया। अगर यह नाव अभी तक नहीं डूबी तो क्यों ना इसके रिसाव को ठीक कर लिया जाए। अगर ऐसा हो गया तो वह इस मजबूत नाव से आराम से सफर कर सकता है। यह सोचकर वह वापस नाव के पास गया। सबसे पहले उसने रिसाव को ठीक किया। फिर पाइप और औजारों से एक पंप तैयार किया ताकि पानी बाहर निकाला जा सके। उसने जो पंप बनाया था उसकी मदद से नाव में भरा समुद्र का पानी धीरे-धीरे बाहर निकल गया। रिसाव ठीक करने और पानी हटाने के बाद उसने जहाज की बाकी दिक्कतें भी ठीक कर दी। साथ ही उसने बाहर से भी मरम्मत की ताकि आगे सफर में कोई और परेशानी ना हो। काम खत्म होने के बाद उसने फिर से रेडियो से मदद मांगने की कोशिश की। लेकिन इस बार भी कोई जवाब नहीं आया। मायूस होकर वह वापस लौटा और नक्शा निकालकर एक बार फिर रास्ता समझने लगा। उसने नाव को आगे बढ़ाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही इंजन स्टार्ट किया, नाव बिल्कुल नहीं हिली। मानो फिर से उसे धोखा दे रही हो। वो नाव एकदम स्थिर थी। जैसे पानी में जड़ हो गई हो और यही सोच उसे अंदर से तोड़ रही थी। वह पूरी तरह थक चुका था। उम्मीदें खत्म हो रही थी। तभी दूर से उसने एक और जहाज आते देखा। अब उसके पास बस एक ही रास्ता था। अपने छोटे राफ्ट से उस जहाज तक पहुंचना। वो तुरंत राफ पर चढ़ा और तेजी से उस जहाज की ओर बढ़ा। लेकिन तभी वह जहाज अचानक हिलने लगा और जॉन की तरफ तेजी से बढ़ने लगा जैसे किसी ने उसे जानबूझकर उसकी ओर भेजा हो। जॉन ने अपनी रफ्तार बढ़ाई। लेकिन वह विशाल जहाज और भी तेज हो गया और ठीक इससे पहले कि वह जहाज उसे टकराता। जॉन ने आखिरी कोशिश की और अपने बोट से कूद कर उस दूसरी नाव तक तैरने का फैसला किया जो दूर जाती दिख रही थी। लेकिन जब तक वह वहां पहुंचा वह नाव गायब हो चुकी थी। तभी उसे एहसास हुआ कि इस रहस्यमई नाव पर कोई बुरी ताकत है जो उसे कहीं जाने नहीं दे रही। उसने सोच लिया था कि चाहे जान चली जाए वह इस नाव पर वापस नहीं जाएगा। लेकिन शाम तक पानी में तैरते तैरते ठंड बढ़ने लगी। नीचे डॉल्फिनस तैर रही थी। पर पानी का तापमान बहुत गिर चुका था। ठंड सहन ना हो पाने पर मजबूरी में वो फिर उसी नाव पर लौट आया। वो इतना थक और बीमार हो चुका था कि कुछ सोच पाने की हालत में नहीं था। बस चुपचाप एक कंबल ओढ़कर कमरे में सो गया। सुबह जब उसकी आंख खुली तो उसने फिर से इस जहाज से निकलने का फैसला किया। लेकिन अब एक और झटका मिला। कमरे का दरवाजा बंद था। वह घबरा गया और धीरे-धीरे मानसिक रूप से टूटने लगा। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह सब उसके साथ क्यों हो रहा है। तभी उसकी नजर कमरे में मौजूद एक छोटी सी केबिन पर पड़ी। उसने जैसे ही उसे खोला, ऊपर की ओर एक रास्ता नजर आया। एक वेंटिलेशन जिससे बाहर निकला जा सकता था। वह उस केबिन में घुस गया जो एक तंग स्टोरेज एरिया था। हर बार जब वह स्टोरेज एरिया से ऊपर चढ़ने की कोशिश करता फिसल कर नीचे गिर जाता। गिरने से उसे कई चोटें भी आई मगर उसने हार नहीं मानी। बार-बार गिरते हुए आखिरकार वह फिर से ऊपर पहुंचा और उस वेंट की खिड़की को खोलने की कोशिश की। लेकिन वह टस से मस नहीं हुई। ऐसा लग रहा था जैसे उसे जानबूझकर सील कर दिया गया हो। अब वहां की ऑक्सीजन भी तेजी से खत्म हो रही थी। सांस लेना मुश्किल हो रहा था। नीचे का दरवाजा भी बंद था। वह वापस कमरे में नहीं जा पा रहा था। उसे लगने लगा कि अब यही उसका आखिरी समय है। लेकिन तभी उसने फिर से वही क्लिक की रहस्यमई आवाज सुनी। जैसे ही केबिन की खिड़की क्लिक की आवाज के साथ खुली, जॉन बिना समय गवाए बाहर निकल आया। ताजी हवा ने उसे थोड़ी राहत दी। बाहर आकर उसने देखा कि नाव एक छोटे से द्वीप की ओर बढ़ रही थी। यह देखकर उसके मन में उम्मीद जगी कि शायद अब वह इस डरावनी नाव से हमेशा के लिए आजाद हो जाएगा। जैसे ही नाव किनारे पहुंची, वह फौरन उतर गया। उसे लगा कि इस द्वीप पर जरूर कोई है जो इस सब का जिम्मेदार है। गुस्से में उसने एक डंडा उठाया और द्वीप की तलाश शुरू की, लेकिन जल्द ही हैरान रह गया। पूरे द्वीप पर इंसान का कोई भी निशान नहीं था। अब जॉन फिर से गुस्से और डर से भर गया था। जैसे ही वह उस द्वीप से बाहर निकला, एक नया दृश्य उसकी आंखों के सामने आया। वही रहस्यमय नाव जो उसे यहां लाई थी। अब शांत समंदर में आगे बढ़ रही थी जैसे किसी और शिकार की तलाश में हो। यह देखकर जॉन को पूरी तरह यकीन हो गया कि यह नाव और यह द्वीप किसी बुरी ताकत के अधीन है। उसे अब हर हाल में यहां से निकलना था। उसकी जिंदगी अब भी बाकी थी। वह खोजबीन करता हुआ द्वीप की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचा और वहां से उसने दूर एक और द्वीप देखा। लेकिन वह इतना दूर था कि वहां क्या हो रहा है यह वह देख नहीं पाया। जैसे-जैसे जॉन द्वीप पर घूमता रहा। वो धीरे-धीरे पीछे की ओर आ गया। लेकिन जब वह वहां पहुंचा तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गई। यह वही जगह थी जहां से उसकी यात्रा की शुरुआत हुई थी। सब कुछ वैसा ही था। वही उसकी पुरानी नाव ठीक उसी जगह बंधी हुई और वही लोग जैसे कुछ बदला ही ना हो। पूरा माहौल पहले जैसा था जैसे कुछ हुआ ही नहीं। जॉन एक्टक सब देख रहा था। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि यह सब एक बुरे सपने जैसा लगने वाला अनुभव असल में उसके साथ घटा था। लेकिन अब सवाल उठता था उसकी नाव वहां दोबारा कैसे पहुंची? और इस द्वीप की सच्चाई क्या थी? जॉन जब द्वीप के पीछे पहुंचा तो हैरान रह गया। वही जगह, वही नाव, वही लोग। जैसे कुछ भी नहीं बदला। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि यह सब असल था या कोई बुरा सपना |

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